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Sunday, December 1, 2024

बयां हो न सकी वो कहनी है

बयां हो न सकी वो कहनी है 


हर धड़कन में एक रवानी है ।
जो बयां हो न सकी वो कहनी है ॥
तेरी यादों की जो ये बारिश है।
अब भी रूह को भिगोती है ॥

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