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Friday, April 4, 2025

too chhod kar chala gaya jab se

तू छोड़ कर चला गया जब से

मोहब्बत के रंग में रंगी थी ये दुनिया,
पर हमने तो बस तुझे ही चाहा था।
तू छोड़ कर चला गया जब से,
दिल भी अब मुस्कुराना भूल गया।

teri aankhen meri pahachaan ban gayi

तेरी आँखें मेरी पहचान बन गई

तेरी हँसी मेरी जान बन गई,
तेरी आँखें मेरी पहचान बन गई।
तू जो पास आई तो लगा यूँ,
जैसे मुकम्मल मेरी हर दुआ बन गई।

khaamoshi ko meri kamajori na samajh

ख़ामोशी को मेरी कमजोरी न समझ

ख़ामोशी को मेरी कमजोरी न समझ,
दिल के जख़्मों की गवाही नहीं मिलती।
जो महसूस कर सकता है दर्द मेरा,
उसे मेरी चीख़ों की ज़रूरत नहीं होती।

Thursday, April 3, 2025

jise todana ab mere bas mein nahin

जिसे तोड़ना अब मेरे बस में नहीं

तेरी यादों में जो सुकून है, वो कहीं और नहीं,
तेरी बातों में जो प्यार है, वो किसी और से नहीं।
दिल तुझसे जुड़ा है किसी डोर की तरह,
जिसे तोड़ना अब मेरे बस में नहीं।

dil ke zakhm dikhaye nahin jaate

दिल के ज़ख्म दिखाए नहीं जाते

दिल के ज़ख्म दिखाए नहीं जाते,
हर दर्द के किस्से सुनाए नहीं जाते।
कभी खामोश रहकर देखना,
लोग सच में याद किए बिना रह नहीं पाते।

Wednesday, April 2, 2025

khaamoshi meri sab kuchh kah jaati hai

ख़ामोशी मेरी सब कुछ कह जाती है

ख़ामोशी मेरी सब कुछ कह जाती है,
दर्द आंखों से होकर बह जाती है।
सोचते हैं शिकायत करें भी तो किससे,
क्योंकि कसूर अपना ही नजर आता है।

ab muskuraane se bhi dar lagata hai

अब मुस्कुराने से भी डर लगता है

कभी हंसते थे हम भी खुलकर,
अब मुस्कुराने से भी डर लगता है।
जिसे चाहा था जान से ज्यादा,
वही बेगाना सा लगने लगा है।