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Monday, December 2, 2024

कुछ और ही मंज़ूर

कुछ और ही मंज़ूर


हमने चाहा था उन्हें दिल से अपना बनाना,
पर किस्मत को था कुछ और ही मंज़ूर।
वो चले गए छोड़कर हमें अकेला,
और हम रह गए तन्हाई में मजबूर।

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