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Wednesday, December 4, 2024

रूह तक को तेरी कमी खलती

रूह तक को तेरी कमी खलती


खामोशियाँ भी बात करती हैं,
तन्हाई में यादें बहुत सताती हैं,
चुप रहकर भी क्या करें,
जब रूह तक को तेरी कमी खलती है।

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