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Friday, May 17, 2024

लोग दीवारों की तरह

लोग दीवारों की तरह


चंद सांसें बची हैं आखिरी दीदार दे दो
झूठा ही सही मगर एक बार प्यार दे दो

हम तो उम्र भर के मुसाफिर हैं मत पूछ
तेरी तलाश में कितने सफर किए हैं हमने

टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग दीवारों की तरह
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से मुहब्बत करते हैं

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