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Friday, November 18, 2022

कभी ख़त्म ना हो तो अच्छा हो


                कभी ख़त्म ना हो तो अच्छा हो

       

        मेरी साँसों में आके बिखर जाओ तो अच्छा हो,


        रूह बनके जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा हो,


          एक रात गोद में तेरी सिर रख के सो जाऊं,


         फिर वो रात कभी ख़त्म ना हो तो अच्छा हो।

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