Hindi Shayari
1. खेलने की आदत तो बचपन से थी उन्हें,
फर्क बस इतना है पहले खिलौनो से खेलते थे अब जज्बातों से.
2. दुनियाँ से लडने की ताकत थी मुझमें
मगर
मेरे अपनों ने मुझे हरा दिया...
3. dard to hmesa apne hi dete h warna
gero ko kya pta hume taklie kis bat ki h
4."मिलता कुछ भी नही मोहब्बत में सब कुछ लूटा कर,
सर झुका के गुजर जाओ अगर कोई प्यार से देखे"..
5. Maine sare sajde sament kar teri aastan par rakh diye...
Ab ye to teri rzaa pe hai inhe fenk de ya nawaz de...
6. "गर तू जिंदा है तो ज़िन्दगी का सबूत दिया कर !
वरना, ये ख़ामोशी तो कब्रिस्तान में भी बिखरी देखी है हमने !!"
7. जहर भी मीठा लगे तो ताज्जुब मत कीजिए
यह क़ातिलों का शहर है,प्यार से कत्ल होना सीखिए
1. खेलने की आदत तो बचपन से थी उन्हें,
फर्क बस इतना है पहले खिलौनो से खेलते थे अब जज्बातों से.
2. दुनियाँ से लडने की ताकत थी मुझमें
मगर
मेरे अपनों ने मुझे हरा दिया...
3. dard to hmesa apne hi dete h warna
gero ko kya pta hume taklie kis bat ki h
4."मिलता कुछ भी नही मोहब्बत में सब कुछ लूटा कर,
सर झुका के गुजर जाओ अगर कोई प्यार से देखे"..
5. Maine sare sajde sament kar teri aastan par rakh diye...
Ab ye to teri rzaa pe hai inhe fenk de ya nawaz de...
6. "गर तू जिंदा है तो ज़िन्दगी का सबूत दिया कर !
वरना, ये ख़ामोशी तो कब्रिस्तान में भी बिखरी देखी है हमने !!"
7. जहर भी मीठा लगे तो ताज्जुब मत कीजिए
यह क़ातिलों का शहर है,प्यार से कत्ल होना सीखिए
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